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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों और रोजगार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यूपी कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की रोजगार से जुड़ी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश की पिछली सरकारों और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सरकारी भर्तियों को लेकर दावा किया।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि पिछली व्यवस्था में सरकारी नौकरियों में कथित तौर पर एक वर्ग विशेष को प्राथमिकता दिए जाने की शिकायतें थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों और एक विशेष जाति के समर्थकों को नौकरी मिलने की बात कही जाती थी। हालांकि, यह मंत्री का राजनीतिक आरोप है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं रखा जा सकता।
चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। उनके मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चुनाव से पहले एक लाख से अधिक अतिरिक्त सरकारी नौकरियां देने की बात कह चुकी है।
उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक सूचनाओं में हाल के दिनों में मिशन रोजगार के तहत नियुक्तियों का उल्लेख किया गया है। 22 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा विभाग के 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने और 28 सितंबर को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की जानकारी राज्य सरकार ने जारी की थी।
भूपेंद्र चौधरी ने अपने बयान में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने उस कथित व्यवस्था को खत्म किया है, जिसमें उनके अनुसार एक परिवार या एक जाति से जुड़े लोगों को सरकारी नौकरियों में लाभ मिलता था। उन्होंने इसे लेकर पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
रोजगार और सरकारी भर्ती उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। राज्य के आधिकारिक रोजगार पोर्टल के अनुसार, रोजगार संगम के जरिए सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों, रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट और अन्य रोजगार सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
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